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Sports News: भारत के खिलाफ खास जर्सी में उतरेगी न्यूजीलैंड टीम, 100 साल की दोस्ती को ऐसे मिलेगा सम्मान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने पर कीवी टीम विशेष कोटाहितांगा ODI जर्सी पहनेगी। जानिए माओरी कला, कमल और मंडला से सजे इस खास डिजाइन की पूरी कहानी।

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर: भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट मुकाबले अब मैदान पर खेल के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव की कहानी भी पेश करेंगे। दोनों देशों के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के अवसर पर न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम आगामी वनडे सीरीज में विशेष डिजाइन वाली जर्सी पहनकर उतरेगी। इस लिमिटेड एडिशन जर्सी में न्यूजीलैंड की पारंपरिक माओरी कला और भारतीय कलात्मक विरासत को एक साथ जगह दी गई है।

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इस विशेष परिधान को कोटाहितांगा ODI शर्ट नाम दिया है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के लंबे खेल इतिहास, सांस्कृतिक विविधता और आपसी सम्मान को रेखांकित करना है। जर्सी का डिजाइन केवल खिलाड़ियों की नई पोशाक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए भारत और न्यूजीलैंड के बीच दशकों से बने रिश्तों को भी सामने लाने की कोशिश की गई है।

1926 में शुरू हुई थी खेल संबंधों की ऐतिहासिक यात्रा

भारत और न्यूजीलैंड के खेल संबंधों की कहानी आजादी के बाद की नहीं, बल्कि उससे पहले की है। वर्ष 1926 में भारतीय सेना की हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था। इस यात्रा ने दोनों देशों के खिलाड़ियों और समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसी ऐतिहासिक जुड़ाव के 100 साल पूरे होने के अवसर पर क्रिकेट के माध्यम से दोनों देशों की साझी विरासत को सम्मान देने की पहल की गई है। विशेष वनडे जर्सी इसी विचार का हिस्सा है।

क्रिकेट भारत और न्यूजीलैंड दोनों में लोकप्रिय खेल है। ऐसे में आगामी वनडे सीरीज के दौरान इस जर्सी का इस्तेमाल खेल के साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी चर्चा में लाएगा।

माओरी संस्कृति और भारतीय कला का अनूठा मेल

इस खास जर्सी की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजाइन है। इसमें न्यूजीलैंड की माओरी सांस्कृतिक परंपरा और भारतीय कला के प्रतीकों को इस तरह जोड़ने का प्रयास किया गया है कि दोनों की अलग पहचान भी बनी रहे और साझा भावना भी उभरकर सामने आए।

जर्सी का नाम कोटाहितांगा एकता और साथ मिलकर आगे बढ़ने की भावना से जुड़ा है। इसका डिजाइन दोनों देशों के बीच सहयोग, सम्मान और ऐतिहासिक जुड़ाव का संदेश देता है।

इस परिधान को तैयार करने में तीन कलाकारों ने योगदान दिया है। इनमें न्यूजीलैंड के कलाकार बेन थॉमसन तथा गुजरात के शिव नारंदास और जय पंचा शामिल हैं। तीनों कलाकारों ने अपनी-अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से प्रेरणा लेकर डिजाइन को आकार दिया।

जर्सी पर दिखेंगे कमल, मंडला और पारंपरिक पैटर्न

बेन थॉमसन ने जर्सी के डिजाइन में माओरी कला के पारंपरिक कोवाईव्हाई पैटर्न का इस्तेमाल किया है। यह कलात्मक शैली न्यूजीलैंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। इसके जरिए जर्सी में स्थानीय परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को स्थान दिया गया है।

वहीं, शिव नारंदास और जय पंचा ने भारतीय कला से जुड़े प्रतीकों को डिजाइन में शामिल किया है। इनमें भारत का राष्ट्रीय फूल कमल, भारतीय वास्तुकला से प्रेरित दोहराव वाला पैटर्न और मंडला प्रमुख हैं।

कमल भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है, जबकि मंडला अपनी ज्यामितीय संरचना और कलात्मक विविधता के लिए जाना जाता है। इन प्रतीकों के इस्तेमाल से जर्सी में भारतीय कला की झलक दिखाई देती है।

दोनों देशों की कलात्मक परंपराओं को एक ही परिधान में शामिल करना इस पहल की खास बात है। इसका मकसद किसी एक संस्कृति को दूसरी पर प्राथमिकता देना नहीं, बल्कि दोनों की विशिष्ट पहचान को एक साझा रचना में प्रस्तुत करना है।

डिजाइन में एकता को बनाया गया मुख्य विचार

इस परियोजना से जुड़े कलाकारों के लिए एकता डिजाइन का केंद्रीय विचार रही है। बेन थॉमसन के अनुसार, जर्सी तैयार करते समय दोनों देशों की सांस्कृतिक विशेषताओं के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण था।

न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ मार्केटिंग एवं कॉमर्शियल ऑफिसर ग्लेन क्रिचली ने भी डिजाइन को लेकर प्रसन्नता जताई। उनके मुताबिक, इसमें माओरी और भारतीय कलात्मक शैलियों को संतुलित तरीके से जोड़ा गया है, जो दोनों देशों के संबंधों की भावना को दर्शाता है।

इस तरह विशेष जर्सी खेल परिधान होने के साथ सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का माध्यम भी बन गई है। वनडे मुकाबलों में इसे पहनकर मैदान पर उतरने वाले कीवी खिलाड़ी दोनों देशों के साझा इतिहास को एक नए अंदाज में सामने रखेंगे।

भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर रहेगी नजर

भारतीय क्रिकेट टीम का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। इस दौरे में टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे मुकाबले शामिल हैं। वनडे सीरीज के दौरान न्यूजीलैंड की टीम विशेष कोटाहितांगा जर्सी पहनकर खेलेगी।

इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच मैदान पर प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, लेकिन जर्सी के जरिए खेल भावना और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश भी सामने आएगा।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच क्रिकेट मुकाबले लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अहम हिस्सा रहे हैं। ऐसे में खेल संबंधों के 100 साल पूरे होने के अवसर पर तैयार की गई यह जर्सी ऐतिहासिक रिश्तों को याद करने का एक खास माध्यम बनेगी।

खेल से आगे दोस्ती का संदेश

खेल की ताकत केवल जीत और हार तक सीमित नहीं होती। यह अलग-अलग देशों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों को एक मंच पर लाने का अवसर भी देता है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के शताब्दी वर्ष पर तैयार की गई यह जर्सी इसी भावना को सामने लाती है।

माओरी कला और भारतीय प्रतीकों के मेल से बनी इस पोशाक के जरिए न्यूजीलैंड क्रिकेट ने दोनों देशों की विरासत को सम्मान देने का प्रयास किया है। अब वनडे सीरीज के दौरान इस विशेष जर्सी पर भी क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी।

यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और खेल जगत की अन्य खबरें पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar के स्पोर्ट्स सेक्शन पर जाएं।

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